हनुमानजी (Hanuman Ji) के आराधना सम्बंधित कुछ उपयोगी तथ्य

Spirituality/Remedies
31 Aug 2017

हनुमानजी (Hanuman Ji) के आराधना सम्बंधित कुछ उपयोगी तथ्य

पवनपुत्र श्री हनुमान जी (Hanuman Ji) आज कलयुग में महाबलशाली समस्त पापों कष्टों को हरने वाले आजन्म ब्रह्मचारी एवं जीवित भगवान् हैं, वे श्री राम जी के अनन्य भक्त हैं।ऐसा सर्विदित भी हैं कि जहाँ कहीं भी श्री राम जी की आराधना हो रही होती हैं वहाँ पर हनुमानजी किसी न किसी रूप में उपस्थित होते हैं ।

सभी ग्रहों के कष्टों को हरने में भी हनुमान जी (Hanuman Ji) सक्षम हैँ विशेष कर शनि महराज एवं मंगल के कष्टों को इस लेख को लिखने एकमात्र उद्देस्य केवल इस बात को संज्ञान में लेना है कि अक्सर जब हम मंदिरों में हनुमान जी के मंदिरों दर्शन करने के लिए जाते हैं तो ये प्रायः ही देखा है कि है की हनुमान जी प्रतिमा को महिलायें, स्त्रियां अपने हाथों से स्पर्श कर प्रणाम करती हैं एवं भोग अदि भी लगाती हैं जोकि बिलकुल ही निषेध एवं ग़लत है। हनुमानजी आजन्म ब्रह्मचारी हैं इस वजह से स्त्रियों, महिलाओं को उनको किसी भी प्रकार की स्पर्श से बचना चाहिए और जो भी भोग, प्रसाद उपहार आदि अर्पित करना हो केवल पुजारी से या वहाँ उपस्थित पुरुष द्वारा ही करना चाहिए।

हनुमानजी जी (Hanuman Ji) की स्तुति पूजन पाठ करने के लिए मना नहीं है केवल किसी भी प्रकार का स्पर्श वर्जित हैं ।आगे से जब भी हनुमानजी का दर्शन, पूजन करने जाएँ तो महिलाएं इस बात का अवस्य ध्यान रखें। हनुमानजी की वंदना बिना श्री राम जी के वंदना के अधूरी है इसीलिए श्री राम जी की वंदना एवं दर्शन करना न भूलें पुरुषों द्वारा हनुमान जी को सिन्दूर एवं चमेली के तेल का चोला प्रातःकाल में चढ़ाना मंगल एवं शनिवार के दिन अत्यंत श्रेयकर समस्थ मनोकामना पूर्ण करने वाला होता है मोतीचूर का लडडू एवं तुलसी दल अर्पित करना ना भूलें चोला चढ़ाने से मंगल एवं शनि आदि ग्रहों की शांति होती हैं एवं कष्टों का निवारण भी होता है ।

नियमित सुन्दरकाण्ड संकटमोचन हनुमानाष्टक, बजरंगबाड़, बजरंगबाहू के पाठ भी अत्यंत लाभदायी एवं मंगलवार का व्रत बिना नमक के हनुमानजी (Hanuman Ji) का आशीष प्राप्त करने के लिए उत्तम हैं वैसे हनुमान जी की आराधना की और विधि भी है जैसे मंत्रों, यंत्रों, इत्यादि द्वारा पर नियम सय्यम की अधिकता के वजह से सामान्य जन मानस के लिए उपयुक्त नहीं हैं अतः ऊपर बताये हुए तथ्यों को ध्यान में रखते हुए पवनपुत्र की आराधना करें और आशर्वाद प्राप्त कर जीवन सफल बनायें।

नमो नारायण

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